स्टेनलेस की हिसार इकाई को सस्टेनेबिलिटी और पर्यावरणीय उत्कृष्टता के लिए दो पुरस्कारों से किया गया सम्मानित

स्टेनलेस की हिसार इकाई को सस्टेनेबिलिटी और पर्यावरणीय उत्कृष्टता के लिए दो पुरस्कारों से किया गया सम्मानित

जिंदल स्टेनलेस : की हिसार इकाई को सस्टेनेबलिटी से जुड़ी पहलों के लिए दो अलग-अलग प्रतिष्ठित मंचों पर पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। जिसमें शामिल हैं राष्ट्रीय सस्टेनेबलिटी पुरस्कार 2022-2023 ‘सेकंड्री स्टील इन फेरस डिविजन’ श्रेणी में और ‘पर्यावरणीय उत्कृष्टता’ श्रेणी में 23वां ग्रीनटेक पर्यावरण पुरस्कार 2023।
राष्ट्रीय सस्टेनेबलिटी पुरस्कार माध्यम है संगठनों के उन असाधारण प्रयासों को मान्यता देने का जो पर्यावरणीय प्रभावों को कम करने, सामाजिक ज़िम्मेदारी निभाने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक साबित होते हैं। इस पुरस्कार समारोह का आयोजन भारतीय धातु संस्थान द्वारा आयोजित 77वें वार्षिक प्रौद्योगिकी सम्मेलन के दौरान हुआ जो केआआईआईटी (कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी), भुवनेश्वर के प्रांगण में सम्पन्न हुआ। वहीं दूसरी ओर, ग्रीनटेक पर्यावरण पुरस्कार समारोह कश्मीर के सोनमर्ग में आयोजित किया गया, जिसके ज़रिए उन नई पहलों व तरीकों को मान्यता दी गई, जिनके द्वारा कार्यस्थलों पर पर्यावरण, स्वास्थ्य और सुरक्षा के क्षेत्र में दीर्घकालिक सुधार किए जा रहे हैं।
जिंदल स्टेनलेस, हिसार के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और इकाई प्रमुख श्री विजय कुमार बिंदलिश ने इस उपलब्धि पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, “हम ये दोनों प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त करने के लिए आभारी हैं। जिंदल स्टेनलेस में, हम आने वाली पीढ़ियों के लिए अपने पर्यावरण की सुरक्षा करते हुए उद्योग में सार्थक बदलाव लाने के प्रयासों के तहत अत्याधुनिक तकनीक का लाभ उठाने और ज़िम्मेदार तरीकों को बढ़ावा देने के लिए समर्पित हैं।”
कंपनी ने बीते कई वर्षों में कम कार्बन और ऊर्जा-कुशल परिचालन तरीकों का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन करके, विभिन्न सीएसआर परियोजनाओं के माध्यम से आस-पास के समुदायों की बेहतरी के लिए काम करने के साथ-साथ संयंत्र में सुरक्षा संस्कृति को लगातार मज़बूत बनाने के प्रयासों से सस्टेनेबलिटी के मोर्चे पर उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है। अकेले पिछले दो वित्तीय वर्षों में, जिंदल स्टेनलेस ने विभिन्न सस्टेनेबलिटी पहलों के माध्यम से लगभग 2.4 लाख टन CO2 उत्सर्जन कम किया है। यह प्रयास जिंदल स्टेनलेस को 2050 तक नेट ज़ीरो हासिल करने और सतत विकास लक्ष्यों में योगदान देने की अपनी महत्वाकांक्षा की दिशा में एक कदम और करीब ले जाते हैं।

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