अतिरिक्त उपायुक्त नीरज ने सोमवार को गांव मंगाली मोहब्बत स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में एमएसएमई ई-विकास कार्यालय करनाल द्वारा पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। कार्यक्रम में लगभग 350 कारीगरों ने भाग लिया।
अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य हाथ से कार्य करने वाले परंपरागत दस्तकारों के संपूर्ण विकास के लिए सरकार द्वारा दी जाने वाली सहायता के बारे में जानकारी प्रदान करना है। पीएम विश्वकर्मा योजना 17 सितंबर 2023 को लांच की गई। इस योजना के तहत कारीगरों को 15 हजार रुपये की टूल किट और 3 लाख रुपये की राशि 5 प्रतिशत ब्याज पर बिना जमानत के लोन, मुफ्त प्रशिक्षण एवं प्रशिक्षण के दौरान 500 रुपये दैनिक भत्ता दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त कारीगरों को विपणन सहायता, प्रमाण पत्र और कारीगर पहचान पत्र भी प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान कारीगरों से इस योजना में पंजीकरण करवाने तथा योजना का लाभ उठाने का आह्वान किया।
एमएसएमई डीएफओ, करनाल के निदेशक संजीव चावला ने पीएम विश्वकर्मा योजना के बारे में एक वीडियो के माध्यम से विस्तार पूर्वक चर्चा की तथा कारीगरों को रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया और ग्राम प्रधान/शहरी स्थानीय निकाय प्रक्रिया के बारे में भी विस्तारपूर्वक बताया। कार्यक्रम में सीएससी केंद्र की ओर से 20 स्टालें लगाई गई। पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत बढ़ई, लोहार, सुनार, कुम्हार, मोची, राजमिस्त्री, नाई, धोबी, दर्जी आदि 18 विभिन्न श्रेणियों के कारीगरों का मौके पर ही पंजीकरण किया गया तथा योजना के तहत प्रदान किए जाने वाले लाभ के बारे में विस्तार पूर्वक बताया। कार्यक्रम में मंच का संचालन एमएसएमई डीएफओ करनाल के सहायक निदेशक मुकेश वर्मा ने किया।
कार्यक्रम में गांव मंगाली से सुमित्रा, शिक्षक दीपक चोपड़ा, एएफटीएस के संचालक अरविंद यादव, सीएससी जिला प्रबंधक विकास वर्मा, जिला एमएसएमई सेंटर के संयुक्त निदेशक जनक कुमार सहित आस-पास के गांवों के सरपंच उपस्थित थे।
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