जेसीडी शिक्षण महाविद्यालय में मनाई नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती।
सिरसा 24 जनवरी 2024: जेसीडी विद्यापीठ में स्थित जेसीडी शिक्षण महाविद्यालय में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई। कॉलेज प्राचार्य डॉ जयप्रकाश व सभी स्टाफ सदस्यों ने नेताजी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस दौरान कालेज में एक भाषण प्रतियोगिता भी रखी गई जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़ चढ़कर का भाग लिया । इस अवसर पर जेसीडी विद्यापीठ के महानिदेशक एवं अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वैज्ञानिक प्रोफेसर डॉक्टर कुलदीप सिंह ढींडसा ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 को उड़ीसा के कटक में एक बंगाली परिवार में हुआ था। सुभाष चन्द्र बोस एक अविस्मरणीय राष्ट्रीय नायक थे । उन्हें अपने देश से अगाध प्रेम था। इसके अलावा इस महान शख्सियत ने अपना पूरा जीवन देश के लिए बलिदान कर दिया। 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती मनाई जाती है। इस दिन को पराक्रम दिवस के रूप में भी जाना जाता है। उन्होंने कहा कि भारत को अंग्रेजों की गुलामी से मुक्त कराने में सुभाष चंद्र बोस का बहुत बड़ा योगदान था। तुम मुझे खून दो-मैं तुम्हें आजादी दूंगा, जय हिंद जय भारत और दिल्ली चलो जैसे नारों से उन्होंने देश के युवाओं में देशभक्ति की लौ जलाई थी।
प्राचार्य डॉ. जय प्रकाश ने विद्यार्थियो को संबोधित करते हुए कहा कि सुभाष चंद्र बोस एक महान भारतीय राष्ट्रवादी थे। लोग आज भी उन्हें उनके देश प्रेम से जानते हैं। सबसे उल्लेखनीय बात यह है कि उन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ बहादुरी से लड़ाई लड़ी । सुभाष चंद्र बोस निश्चित रूप से एक क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी थे। सुभाष चंद्र बोस ने द्वितीय विश्व युद्ध को एक महान अवसर के रूप में देखा। उन्होंने इसे ब्रिटिश कमजोरी का फायदा उठाने के अवसर के रूप में देखा। इसके अलावा, वह मदद मांगने के लिए यूएसएसआर, जर्मनी और जापान भी गए। उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई में आईएनए का नेतृत्व किया। सुभाष चंद्र बोस भगवत गीता में दृढ़ विश्वास रखते थे। उनका मानना था कि भागवत गीता अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत थी। उन्होंने स्वामी विवेकानन्द की शिक्षाओं को भी उच्च सम्मान दिया। इस मौके पर प्रोफेसर डॉ राजेंद्र कुमार, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ रमेश कुमार , एसोसिएट प्रोफेसर डॉ सतनारायण, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ सुषमा हुड्डा, डॉक्टर कंवलजीत कौर , डॉ. निशा, बलविंदर , , प्रीति , मदनलाल बेनीवाल, राजपवन, अनुराधा के इलावा कॉलेज का समूचा स्टाफ एवं विद्यार्थी मौजूद थे।

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