हिसार। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों व फेडरेशनों के आह्वान पर जिला में विभिन्न सरकारी विभागों के कर्मचारियों ने आज राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल होकर सरकार की नीतियों के खिलाफ रोष प्रकट किया। सभी विभागों के हजारों कर्मचारी पुराना राजकीय महाविद्यालय मैदान में एकत्रित हुए। वहां सभा करने के बाद जुलूस के रूप में शहर के प्रमुख बाजारों में प्रदर्शन किया और सरकार की जनविरोधी नीतियों की पोल खोली। प्रदर्शन की अध्यक्षता सर्व कर्मचारी संघ के ब्लॉक प्रधान औमप्रकाश माल, इंटक के जोरा सिंह, रिटायर्ड कर्मचारी संघ के जिला प्रधान औमप्रकाश सैनी व संयुक्त किसान मोर्चा के सुरेंद्र मान ने की।
इस अवसर पर प्रदर्शनकारी कर्मचारियों को संबोधित करते हुए सर्व कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान धर्मवीर फोगाट ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार लगातार जन विरोधी फैसले ले रही हैं। सार्वजनिक सेवाओं का निजीकरण किया जा रहा है। पूरे देश में महंगाई व बेरोजगारी चरम सीमा पर पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के साथ-साथ आम जनता में सरकार नीतियों के खिलाफ भारी आक्रोश है। किसान एमएसपी गारंटी सहित अन्य मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। किसानों के आंदोलन का कर्मचारी पूरजोर समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारी पिछले लंबे समय से पुरानी पेंशन को बहाली करने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, 18 महीने का बकाया महंगाई भत्ते का भुगतान करने, कौशल रोजगार निगम भंग करके सभी विभागों में रिक्त पड़े लाखों पदों पर स्थाई भर्ती कर युवाओं को स्थाई रोजगार देने, सरकारी विभागों के निजीकरण पर रोक लगाने, लिपिकों का वेतन 35400 करने, जोखिमपूर्ण कार्य करने वाले कर्मचारियों को प्रति माह 5000 रुपए जोखिम भत्ता देने, ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी की समीक्षा कर दूरदराज ट्रांसफर हुए कर्मचारियों को स्वेच्छानुसार तबादला करने, रोड ट्रांसपोर्ट एंड सेफ्टी कानून को रद्द करने, विश्वविद्यालयों की स्वायत्ता पर हमले बंद करने, महंगाई भत्ते के अनुसार मकान किराया 9 प्रतिशत करने, नई शिक्षा नीति रद्द करने और चिराग योजना वापस लेने सहित अनेक मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन सरकार इन मांगों की अनदेखी कर रही है।
राज्य प्रधान धर्मवीर फोगाट ने कहा कि आज की इस सफल हड़ताल ने दिखा दिया है कि आम जनता व कर्मचारी वर्ग सरकार की जनविरोधी नीतियों के परेशान हो चुका है। इसलिए सरकार को हड़ताल से सबक लेकर समय रहते आम जनता विरोधी व कर्मचारी विरोधी नीतियों को वापस लेने का काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने समय रहते कर्मचारियों की मांगों को पूरा नहीं किया तो आगामी चुनावों में सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
इस दौरान किसान नेता दिलबाग हुड्डा, राजेश बागड़ी, विनोद प्रभाकर, नरेश गौतम, अशोक सैनी, सोमबीर पिलानिया, मनोहर लाल जाखड़, हितेंद्र सिहाग, गोलू डाटा, सरबत पुनिया, शकुंतला जाखड़, सीमा, श्योचंद घोड़ेला, अभयराम फौजी, सुरेश रोहिल्ला, सुरेंद्र फौजी, मा. पवन, मा. प्रभू, मा. प्रमोद जांगड़ा, सुनील लाडवा व मंगल सिंह आदि ने भी कर्मचारियों को संबोधित किया।
राष्ट्रव्यापी हड़ताल के दौरान कर्मचारियों ने बाजारों में किया प्रदर्शन, सरकार की नीतियों की खोली पोलकर्मचारियों ने आम जनता के साथ मिलकर हड़ताल को बनाया सफल : धर्मवीर फोगाट

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