वैश्य समाज उठा रहा है हिसार लोकसभा में दावेदारी की आवाज : बंटी गोयल
– लोकसभा चुनाव के लिए आप व कांग्रेस पार्टी के बीच बनी सहमति, अशोक मंगालीवाला के पक्ष में बनने लगा माहौल
हिसार : लोकसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी और कांग्रेस पार्टी के बीच सीट बंटवारे पर सहमति बन गई है। आप और कांग्रेस पार्टी दिल्ली, हरियाणा, गोवा, गुजरात और चंडीगढ़ की सीटों को लेकर मिलकर लड़ेंगे। हरियाणा की दस सीटों में से एक सीट (कुरुक्षेत्र) पर आम आदमी पार्टी चुनाव लड़ेगी जबकि 9 सीटों पर कांग्रेस पार्टी अपने उम्मीदवार उतारेगी।
आप व कांग्रेस के बीच सीटों पर बनी सहमति पर श्रीराम दूतम सेवा फाउंडेशन के प्रधान कुलप्रकाश गोयल बंटी ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि हरियाणा की 10 लोकसभा सीटों पर जातीय समीकरण भी खासा असर डालेंगे। इनमें हिसार लोकसभा की बात करें तो ये देखना खासा दिलचस्प होगा की राजनीतिक दल किस-किस बिरादरी के उम्मीदवारों पर दांव खेलती है। बीजेपी की बात करें तो मौजूदा सांसद बृजेंद्र सिंह हंै, जो जाट समाज से आते हंै तो वहीं कुलदीप बिश्नोई के बीजेपी में शामिल होने के बाद हिसार सीट पर पार्टी में ही मुकाबला कड़ा हो गया है। इस सीट से बृजेंद्र सिंह, कुलदीप बिश्नोई और कैप्टन अभिमन्यु दावेदारी की रेस में शामिल हो गए हैं। अब ये देखना होगा की कांग्रेस इस सीट पर जाट या नॉन जाट किस पर दांव खेलती है। कांग्रेस से इस सीट पर पूर्व केंद्रीय मंत्री जय प्रकाश उर्फ जेपी और वैश्य समाज से अशोक मंगालीवाला दावेदारी में आगे चल रहे हैं।
बंटी गोयल ने बताया कि हिसार लोकसभा में जातीय समीकरण की बात करें तो कुल वोट करीब 16 लाख है जिसमें 33 प्रतिशत जाट जबकि 67 प्रतिशत में ब्राह्मण, बनिया, प्रजापति, पंजाबी, बिश्नोई व अन्य शामिल हंै । ऐसे में अगर कांग्रेस इस सीट पर किसी नॉन जाट उम्मीदवार पर दांव खेलकर बीजेपी को कड़ी टक्कर दे सकती है। जाटों की बात करें तो वे कहीं ना कहीं बीजेपी से नाराज हैं जिसका सीधा फायदा कांग्रेस उठा सकती है। इसके अलावा हरियाणा की इस सीट पर किसान आंदोलन का भी व्यापक असर देखा जा रहा है जो बीजेपी को नुकसान पहुंचा सकता है। यानी जाट वोट का बड़ा नंबर कांग्रेस के खाते में पहले से ही तय है तो वहीं दूसरी बिरादरी का उम्मीदवार अगर मैदान में होगा तो 67 प्रतिशत नॉन जाट वोट बैंक को भी आसानी से साधा जा सकता है। अब सवाल ये है कि क्या कांग्रेस को हिसार सीट से किसी वैश्य उम्मीदवार को मैदान में उतारना चाहिए क्योंकि लंबे समय से हरियाणा में वैश्य समाज अपनी भागीदारी को बढ़ाने के लिए आवाज उठा रहा है । 2019 के लोकसभा चुनाव की बात करें तो बीजेपी हो या कांग्रेस किसी भी पार्टी ने वैश्य समाज से चुनाव मैदान में उम्मीदवार नहीं उतारा था । ऐसे में इस बार वैश्य समाज कांग्रेस पार्टी से हिसार लोकसभा से अपनी भागीदारी की उम्मीद लगाए हुए है। इसी माहौल के चलते कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक मंगालीवाला के पक्ष में माहौल बनना शुरू हो गया है। मंगालीवाला की रचनात्मक सोच व जनता से जुड़ाव के चलते यदि कांग्रेस पार्टी अशोक मंगालीवाला को लोकसभा चुनाव में उतारती है तो निश्चित रूप से सुखद परिणाम मिलेंगे।

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