15 मिनट से ज्यादा लेट हुए तो कटेगी आधे दिन की सैलरी

पाठकपक्ष न्यूज

नई दिल्ली, 22 जून :  सरकारी दफ्तरों में लेटलतीफी आम बात है, लेकिन केंद्र सरकार अब देर से पहुंचने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई कर रही है। नए दिशानिर्देश जारी कर कर्मचारियों को समय पर आने का निर्देश दिया गया है। यदि कोई कर्मचारी 15 मिनट से अधिक देर से आता है, तो सख्त आदेश में वेतन कटौती अनिवार्य है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने सरकारी कर्मचारियों को सख्त चेतावनी जारी की है। केंद्र सरकार के कर्मचारियों को केवल 15 मिनट देर से आने की अनुमति है। 

कार्यालय का समय सुबह 9 बजे से शाम 5:30 बजे तक है, इसलिए कर्मचारियों को सुबह 9:15 बजे तक पहुंचना होगा। अगर कोई सुबह 9:15 बजे से देर हो गया तो उसका आधा वेतन काट लिया जाएगा। यह आदेश वरिष्ठ अधिकारियों सहित सभी कर्मचारियों पर लागू होता है। कोविड-19 अवधि के बाद से, कई सरकारी कार्यालयों ने बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली का उपयोग बंद कर दिया है। केंद्र सरकार ने अब उपस्थिति के लिए बायोमेट्रिक्स का उपयोग फिर से शुरू करने का निर्देश दिया है। डीओपीटी के मुताबिक, जो कर्मचारी सुबह 9:15 बजे तक नहीं पहुंचेंगे, उनकी आधे दिन की आकस्मिक छुट्टी काट ली जाएगी।

यदि कोई कर्मचारी किसी विशिष्ट दिन समय पर कार्यालय नहीं पहुंच पाता है, तो उसे अपने वरिष्ठ अधिकारी को पहले से सूचित करना होगा और आकस्मिक अवकाश के लिए आवेदन करना होगा। डीओपीटी ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है कि उनके कर्मचारी समय के पाबंद हों और उनकी उपस्थिति की बारीकी से निगरानी करें। 

मिल रही थी समय निर्धारित न होने की शिकायतें

केंद्र सरकार के कार्यालयों में लेटलतीफी आम है, खासकर कनिष्ठ कर्मचारियों के बीच जो अक्सर देर से आते हैं और जल्दी चले जाते हैं। इस मुद्दे के समाधान के लिए केंद्र सरकार ने कदम उठाने का फैसला किया है। कई वरिष्ठ अधिकारियों ने कार्यालय समय निर्धारित न होने की शिकायत की है। 2014 में, भाजपा ने सरकारी कार्यालयों के लिए निश्चित कार्यालय समय स्थापित करने का प्रयास किया, लेकिन कर्मचारियों के विरोध के कारण योजना रोक दी गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published.