उत्तर भारत मेंं एजुकेशन के 7 कोर्स केवल सरस्वती कॉलेज हिसार में, 19 वर्ष में 25 हजार छात्र प्रशिक्षित हो चुके

पाठकपक्ष न्यूज

हिसार, 2 अगस्त (देवेन्द्र उप्पल):  हिसार का सरस्वती कॉलेज 2005 में स्थापित किया गया। 19 साल में सरस्वती कॉलेज से करीब 25 हजार छात्र डिग्री लेकर जा चुके हैं। कॉलेज में एजुकेशन के 7 ऐसे कोर्स हैं जो उत्तर भारत में किसी भी कॉलेज में नहीं हैं। शुक्रवार को सरस्वती कॉलेज के डारेक्टर विकास ढल ने बताया कि हमारे कॉलेज मेें 7 ऐसे कोर्स हैं जो पूरे उत्तर भारत में किसी भी कॉलेज में नहीं हैं। हमारे पास पार्ट टाइम बीएड कोर्स है। यह उन अध्यापकों के लिए है जो सरकारी अध्यापक सरकारी या प्राइवेट स्कलों में पढ़ा रहे हैं। उनका एक्सपीरियंस भी चलता रहे और उनकी साथ-साथ बीएड भी चलती रहे और डिग्री भी मिल जाए। ये तीन वर्ष का कोर्स है जो पूरे उत्तर भारत में हमारे कॉलेज के अलावा किसी भी कॉलेज में मान्यता प्राप्त नहीं है। इसके अलावा हमारे पास सिंपल बीएड है जो पूरे हरियाणा के कॉलेजों में है। बीएड शिक्षा शास्त्री कोर्स भी है। यह सिर्फ संस्कृत के बच्चों के लिए है जिन्होंने संस्कृत में उपाधि ले रखी है या ऑनर्स की डिग्री लेनी है उनकी साथ-साथ बीएड भी हो जाएगी और बीएड शिक्षा शास्त्री भी हो जाएगी। हरियाणा में सरस्वती कॉलेज हिसार एकमात्र कॉलेज है जहां यह कोर्स करवाया जा रहा है। इसके अलावा बैचलर ऑफ एलिमेंटरी एजुकेशन कोर्स भी करवाया जाता है जो 10+2 के बाद चार साल का कोर्स है। इसमें बच्चे बीटेक, बीएड, जेबीटी और एमए भी कर सकते हैं। इसमें चौथे साल के अंदर बच्चा नेट, सीटैट जैसे एग्जाम भी दे सकता है। यह कोर्स करने से बच्चों के कई साल बच जाते हैं।

इसमें रिजल्ट की बात करें तो 82 प्रतिशत तक कॉलेज का रिजल्ट गया है। इसके अलावा हमारे यहां जो बीएड, एमएड इन्टेग्रेटिड कोर्स चल रहे हैं इसमें बच्चों का एक साल बचता है। ग्रेजुएशन करने के बाद बीएड 2 साल की है और पोस्ट ग्रेजुएट करने के बाद बीएड, एमएड, पोस्ट गे्रजुएट इन्टेग्रेटिड कोर्स जो गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से सेर्टिफाइड हैं इसमें बच्चे का एक साल सेफ हो जाता है। इसमें तीन साल के अंदर बच्चा बीएड, एमएड इन्टेग्रेटिड कोर्स के अंदर बच्चा दो डिग्री ले चुका होता है। अगर किसी बच्चे ने पीजी कर रखी है और उसके 55 प्रतिशत से ज्यादा अंक हों तो इस कोर्स में एडमिशन लेने से उसको फायदा ही फायदा होता है। 

फिलहाल कॉलेज में बीएड, बैचलर इन एजुकेशन, मास्टर डिग्री, बीएड-एमएड इन्टेग्रेटिड कोर्स और बीएड पार्ट टाइम सहित कई कोर्स में एडमिशन चल रहे हैं। डारयरेक्टर विकास ढल ने कहा कि इसके अलावा कॉलेज में एसी लाइब्रेरी है। बच्चे बाहर न बैठकर लाइब्रेरी में आकर पढ़ाई कर सकते हैं। वेल एजुकेटेड टीचर हैं। एचटैट, सीटैट की कोचिंग भी दी जाती है। 

2025 में संस्था एक 10+2 तक का स्कूल खोलने जा रही है जो भारतीय शिक्षा बोर्ड या सीबीएसई से रजिस्टर्ड करवाया जाएगा।

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