हरियाणा में लगभग 87 हजार बुढ़ापा पेंशन तकनिकी कारणों से रुकी 

पाठकपक्ष न्यूज

हिसार, 16 मई (इकबाल सिंह उप्पल): हरियाणा में 25 मई को लोकसभा के लिए मतदान होने जा रहा है, इस लिए प्रदेश का सियासी माहौल बेहद गर्म है। इस गर्म राजनैतिक माहौल में सबसे गर्म कोई मुद्दा है तो वो है बुढ़ापा पेंशन। हर एक राजनैतिक पार्टी बजुर्गों को अपनी और आकर्षित करने के लिए ज्यादा से ज्यादा पेंशन देने के वादे पे वादा और गारंटी पर गारंटी दे रही है। हाल ही में हिसार लोकसभा क्षेत्र में आकर विपक्ष के नेता व पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड़्डा ने गारंटी देते हुए वादा किया कि कांग्रेस सरकार बनते ही बुढ़ापा पेंशन 6 हज़ार रुपए कर दी जाएगी। हिसार शहर में ही एक विशाल रैली कर साढ़े चार साल भाजपा के साथ सरकार चलाने वाली जननायक जनता पार्टी के नेता व पूर्व मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हम भाजपा सरकार व भाजपा शीर्ष नेताओं से कह रहे थे कि यदि आप 5200 रुपए बुढ़ापा पेंशन कर दो तो हमारी पार्टी लोकसभा चुनाव ही नहीं लड़ेगी। उधर भाजपा का कहना है कि हम घर बैठे बिठाए बिना किसी दिक्कत के बुजुर्गों को प्रयाप्त बुढ़ापा पेंशन दे रहे हैं और हर साल उसमें कुछ ना कुछ जरूरी बढ़ोतरी भी कर रहे हैं और आगे भी बढ़ोतरी करते रहेंगे। उधर सरकारी दफ़्तरो के दक्के खाते बुढ़ापा पेंशन के हक़दार बज़ुर्गों ने मीडिया के माध्यम से कांग्रेस, भाजपा व जननायक जनता पार्टी के नेताओं से हाथ जोड़ कर अपील क़ी है 6000 और 5200 रूपए बढ़ोतरी क़ी उन्हे जरुरत नहीं है, बल्कि जो 3000 रूपए पेंशन पिछले सालों से मिल रही थी और अब पिछले चार महीनों से बंद पड़ी है वो ही मेहरबानी करके दिला दें तो काफ़ी है। वर्णयोग है कि जनवरी 2024 तक पेंशन वितरण रूटीन में ठीक हो रहा था, लेकिन जनवरी क़ी पेंशन फरवरी  2024 में देने के बाद बिना किसी पेंशन लेने वाले बजुर्ग को सूचित करे बिना ही हरियाणा भर में लगभग 87 हजार और हिसार जिले में पांच हज़ार से ज्यादा बुढ़ापा पेंशन बंद कर दी है। पिछले तीन महीनों से पेंशनर बैंक और पेंशन दफ़्तर के चक्कर पे चक्कर लग रहे हैं। बैंक तो साफ मना कर रहा है कि पेंशन बंद होने का कारण बैंक को नहीं मालूम, क्योंकि पेंशन देने वाले विभाग की तरफ से पेंशन रोकने या बंद करने का कोई लिखित कारण नहीं दिया है। उधर जब पेंशन देने वाले जिला कल्याण ऑफिस से संपर्क करने पर कोई ठोस जवाब नहीं मिल रहा। किसी को कहा जताता कि फैमली आईडी बनो, किसी को आधार कार्ड या फैमली आईडी उपडेट करवो। किसी को बैंक खात्ता अपडेट करवाओ, किसी को पेन कार्ड अपडेट करवाने को कहा जाता है। ये सब करवाने के बाद भी जब बुजुर्ग पेंशन दफ्तर जाता तब तो वहां ड्यूटी दे रहे कर्मचारियों और अधिकारियों के पास कोई लिखित जा उचित जवाब नहीं होता है। बस ये कह देते हंै कि अपने आप आ जाएगी, लेकिन कब जा किस महीने से आ जाएगी इसका कोई साफ उत्तर नहीं है, लेकिन जिस बुजुर्ग की दवाई सिर्फ इस पेंशन से आती है या जिनके पास इस पेंशन के इलावा और कोई सहारा नहीं है उनके लिए जीवन बहुत मुश्किल हो गया है। ‘जिसे तन लगे वो ही जानेÓ। इस सबंध में जब जिला कल्याण विभाग से सम्पर्क किया तो अधिकारियों ने मना की हिसार जिले में पांच हज़ार से ज्यादा पेंशन पिछले तीन महीनों से बंद है और हरियाणा भर में ये संख्या लगभग 87 हजार से ज्यादा पेंशन रुक गई है। उन्होंने अपनी मजबूरी जाहिर करते हुए बताया कि दफ्तर में कोई लिखित आदेश नहीं है कि ये बंद पेंशन कब शुरू होंगी पर उम्मीद है कि लोकसभा चुनाव के बाद ही शुरू हो सकती है। अब ये कह सकते हैं कि ऐसे हालातों में आज के दिन बुढ़ापा सरकारी दफ़्तरों में ठोकरें खाने के लिए मजबूर है।

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