स्वामी दयानंद सरस्वती की 200वी जयंती के उपलक्ष्य में ब्रह्म महाविद्यालय में कार्यक्रम आयोजित 

हिसार, 31 दिसम्बर। 

स्वामी दयानंद सरस्वती की 200वी जयंती के उपलक्ष्य में स्थानीय ब्रह्म महाविद्यालय में  भजन संध्या तथा नवनिर्मित अध्यापन कक्ष का अनावरण एवं अभिनंदन कार्यक्रम आयोजित किया गया। शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ कमल गुप्ता ने इस अवसर पर हवन-यज्ञ में आहुति दी और नवनिर्मित अध्यापन कक्ष का लोकार्पण किया। आर्य प्रादेशिक प्रतिनिधि सभा की ओर से संचालित दयानंद ब्रह्म महाविद्यालय में बने इस कक्ष के निर्माण के लिए निकाय मंत्री द्वारा साढ़े 7 लाख रुपए की राशि दी गई थी। इसके अतिरिक्त उन्होंने अन्य शैक्षणिक कार्यों के लिए भी 5 लाख रुपये की राशि देने की घोषणा की। इस अवसर पर लोगों को सम्बोधित करते हुए निकाय मंत्री ने कहा कि महर्षि दयानन्द ने तत्कालीन समाज में व्याप्त सामाजिक कुरीतियों, अन्धविश्वासों, रूढियों-बुराइयों, पाखण्डों का खण्डन व विरोध किया। उनके ग्रंथ सत्यार्थ प्रकाश में समाज को आध्यात्म और आस्तिकता से परिचित कराया। उन्होंने सभी वेदों का भाष्य लिखा और 1875 में आर्य समाज की स्थापना की। विभिन्न जगहों पर स्त्रियों पर हो रहे अत्याचारों के विरोध में आवाज बुलंद की। वेद और शिक्षा पर सबके अधिकार की बात उठाई। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि हमें स्वामी दयानंद सरस्वती जैसे महापुरुषों के दिखाए रास्तों पर चलते हुए उनकी शिक्षाओं को आत्मसात करना चाहिए। 

कार्यक्रम की अध्यक्षता डीएवी कॉलेज प्रबंध समिति के सचिव रमेश कुमार लीखा ने की। इस अवसर पर डॉ प्रतिमा गुप्ता, प्राचार्य डॉ प्रमोद योगार्थि, वरिष्ठ पत्रकार एवं प्रबंधक देवेंद्र उप्पल, ईश कुमार आर्य, मीडिया प्रभारी सुरेश धूपवाला, रिंकल बत्रा, सत्यकाम आचार्य, ओ पी यादव, सुनीता बहल, संतोष आचार्य, सीताराम सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहें।

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