हिसार, 5 मार्च : अग्रोहा टीलों की खुदाई के लिए एमओयू हस्ताक्षरित होने पर सामाजिक कार्यकर्ता जगदीश तायल ने प्रसन्नता व्यक्त की है। इस कार्य की सराहना करते हुए तायल ने कहा कि अग्रोहा महाराजा अग्रसेन की राजधानी रहा है और किसी समय वैभव व समाजवाद का सशक्त उदाहरण था। उन्होंने कहा कि अग्रोहा टीलों की खुदाई से पुरातात्विक महत्व की असीमित सामग्री मिलने की संभावना है। पुरातात्विक महत्व के टीलों की खुदाई से अग्रोहा के प्रति लोगों का रूझान भी बढ़ेगा। जगदीश तायल, सुरेश मय्यैड, राजेश जैन, राजकुमार जैन व निरंजन गोयल ने संयुक्त रूप से कहा कि आजादी से पहले इन टीलों की खुदाई करवाई गई थी। उस समय यहां से काफी बेशकीमती वस्तुएं मिली थी। उन्होंने कहा कि अग्रोहा धार्मिक नगरी के रूप में देशभर में विख्यात है। यहां पर समय-समय पर देशभर से लोग पहुंचते हैं। इसलिए अग्रोहा को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना चाहिए और रेलवे लाइन से जोडऩा चाहिए। उन्होंने कहा कि हिसार का हवाईअड्डा शुरू होने के बाद विदेश से भी लोग अग्रोहा पहुंच पाएंगे। इसलिए सरकार को इस दिशा में गंभीरता से सोचना चाहिए और अग्रोहा के विकास के लिए हरसंभव कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि अग्रोहा में मेडिकल कॉलेज स्थित है और इसके आसपास के क्षेत्र में अनेक धार्मिक स्थल भी स्थापित हैं।
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