मुख्यमंत्री हरियाणा कर्मचारी दुर्घटना सुरक्षा योजना शुरू, दस लाख तक मिलेगी वित्तीय सहायता
पंचकूला, 14 मार्च : प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री हरियाणा कर्मचारी दुर्घटना सुरक्षा योजना शुरू करने की घोषणा की है। यह योजना विशेष रूप से राज्य के विभिन्न विभागों, सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों, नगर पालिकाओं और स्वायत्त निकायों में समूह सी और डी-संविदा कर्मचारियों के साथ-साथ सफाई कर्मचारियों के लिए बनाई गई है। इसका उद्देश्य ड्यूटी के दौरान आकस्मिक मृत्यु या स्थायी विकलांगता की स्थिति में पात्र लाभार्थियों को सामाजिक-वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों और उनके परिवारों को सहायता प्रदान करना और उनका सामाजिक-आर्थिक कल्याण सुनिश्चित करना प्राथमिक लक्ष्य है।
पात्रता मापदंड : पंजीकृत परिवार पहचान वाले हरियाणा के निवासी पात्र हैं। यह योजना शहरी स्थानीय निकाय विभाग और विकास एवं पंचायत विभाग के सफाई कर्मचारियों के साथ-साथ लाइनमैन, सहायक लाइनमैन, सब-स्टेशन अटेंडेंट, शिफ्ट अटेंडेंट, ग्रिड सब स्टेशन ऑपरेटर, फायर ड्राइवर, फायरमैन, सीवर मैन और सीवर हेल्पर जैसी उच्च जोखिम वाली भूमिकाओं में लगे समूह सी और डी संविदा कर्मचारियों को कवर करती है।
सहायता राशि : दुर्घटना से हुई आकस्मिक मृत्यु या स्थायी विकलांगता के मामले में, लाभार्थियों को वित्तीय सहायता मिलेगी। ग्रुप सी और डी कर्मचारी 10 लाख रुपये के लिए पात्र हैं, जबकि सफाई कर्मचारियों को पांच लाख मिलेंगे।
दावा प्रक्रिया :विभागों को घटना के तीस दिनों के भीतर ट्रस्ट को सूचित करना होगा।आवश्यक दस्तावेजों में दावा फॉर्म, परिवार पहचान, पुलिस सूचना/ एफआईआर/ डीडीआर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मृत्यु प्रमाण पत्र या प्रमाणित चिकित्सा प्राधिकरण से स्थायी विकलांगता प्रमाण पत्र शामिल हैं। भुगतान सीधे पीपीपी डेटाबेस या आधार से जुड़े खातों में पंजीकृत बैंक खाते में किया जाएगा।
कार्यान्वयन एजेंसी : हरियाणा परिवार सुरक्षा न्यास मुख्य कार्यकारी अधिकारी के नेतृत्व में योजना के कार्यान्वयन की निगरानी करेगा। यह व्यापक योजना असमान्य परिस्थितियों में संविदा कर्मचारियों के संरक्षण और वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार की कर्मचारियों के कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।

Leave a Reply