पीएम मोदी को ‘वेदों को राष्ट्रीय ग्रंथÓ घोषित करने हेतू लिखे पत्र की प्रतिलिपि गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत को भेजी : सत्यपाल अग्रवाल

पीएम मोदी को ‘वेदों को राष्ट्रीय ग्रंथÓ घोषित करने हेतू लिखे पत्र की प्रतिलिपि गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत को भेजी : सत्यपाल अग्रवाल

हिसार, 16 मार्च : स्वैच्छिक सामाजिक संस्था सजग व यज्ञ-हवन विश्व कल्याण के अध्यक्ष सत्यपाल अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ‘वेदों को राष्ट्रीय ग्रंथÓ घोषित करने हेतू लिखे पत्र की प्रतिलिपि गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत को भेजते हुए कहा है कि आप स्वयं वैदिक विद्वान है और वेदों के महत्व को समझते हैं तथा वेदों को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करवाने के लिए प्रयास करने में सक्षम भी हैं। इसलिए इस पर विचार करें। अग्रवाल द्वारा प्रधानमंत्री को लिखे गए पत्र में वेदों पर विस्तृत जानकारी देने के साथ वेदों को राष्ट्रीय ग्रंथ बनाने की मुख्य वजह बताते हुए कहा गया है कि वेद किसी ऋषि मुनि या मनुष्य द्वारा रचित न होकर अपौरुषेय है; श्रुति ग्रंथ हैं तथा भगवान का नि:श्वास है। वेदों का समस्त ज्ञान-विज्ञान सत्य होने के साथ-साथ देश, काल तथा जाति बन्धनों से मुक्त है। वेद मनुष्य की उत्पत्ति के साथ ही उनके कल्याण और ब्रह्मांड के सुव्यवस्थित संचालन के लिए परमात्मा द्वारा प्रदत्त सृष्टि की प्रथम पुस्तक है। वास्तव में तो वेद वैश्विक ग्रंथ हैं। इसीलिए वेद एकमात्र ऐसा ग्रंथ है जो राष्ट्रीय ग्रंथ बनने के लिए सर्वथा योग्य है। सनातन वैदिक ज्ञान के आधार पर ही भारत विश्व गुरु कहलाता था और वेद ही भारत को विश्व गुरु बना सकते हैं। अत: वेदों को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित किया जाए। इससे पूर्व सत्यपाल अग्रवाल ने सीधे प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था व तत्कालीन निकाय मंत्री डॉ कमल गुप्ता को भी प्रधानमंत्री के नाम लिखा पत्र सोपा गया है।

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