बेड़ा उसी का समझो पार हो गया, जिसको प्रभु से सच्चा प्यार हो गया.. ..
हिसार, 6 अप्रैल : आर्य समाज, मॉडल टाऊन में चल रही वेद कथा के चतुर्थ दिवस प्रातत्न हवन किया गया जिसमें जय कुमार बंसल, आशीष गोयल, तरुण जैन व अरविंद बंसल सपत्नीक यजमान रहे। यजमानों ने व उपस्थित लोगों ने यज्ञ में आहुतियां डालीं। प्रभु की राह पर नियति यह चलने ही नहीं देती, संभल कर भी मैं गिर जाता संभलने ही नहीं देती.. .. भजन सुना कर यज्ञ ब्रह्मा आचार्य सूर्यदेव वेदांशु ने यजमानों को आशीर्वाद दिया। हवन उपरांत आयोजित सत्संग सभा में भजनोपदेशक पं. मोहित शास्त्री ने बेड़ा उसी का समझो पार हो गया, जिसको प्रभु से सच्चा प्यार हो गया.. ..सुनाकर सभी को आनंदित कर दिया। मुख्य वक्ता डॉ. पुनीत आचार्य ने महामृत्युंजय मंत्र की व्याख्या करते हुए कहा त्रयंबकं यजामहे यानि त्रि-तीन, अंबक-मां अर्थात् मां की तरह तीन अवस्थाओं में हमारी रक्षा करने वाला है व उस ईश्वर की हम यजामहे यजन करें, उपासना करें। प्रार्थना करें। यह मंत्र सर्वहितकारी है। इस अवसर पर जगदीश प्रसाद आर्य, रामकुमार रावलवासिया, पवन रावलवासिया, गंगादत अहलावत, वीरेन्द्र आर्य, रामपाल आर्य, आनन्द गर्ग, सुरेंद्र बेरवाल, राज वर्मा एडवोकेट, बनारसी दास, विनोद ऑयल मिल वाले, ईश आर्य, ईश्वर आर्य, आजाद मुनि, सीताराम आर्य, निर्मला देवी, सविता वेदांशु सिम्मी काठपाल, सुमन बत्रा, कंचन डुडेजा, रेखा गौतम, वीना वासुदेवा आदि उपस्थित रहे। आचार्य सूर्यदेव वेदांशु ने बताया कि वेद कथा के अंतिम दिन 7 अप्रैल को प्रात: 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक भजन-प्रवचन होंगे। उसके बाद ऋषिभोज दिया जाएगा।

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