सैकड़ों जैन संतों के आगमन से आचार्य पदारोहण महामहोत्सव बना ऐतिहासिक : तरुण जैन

सैकड़ों जैन संतों के आगमन से आचार्य पदारोहण महामहोत्सव बना ऐतिहासिक : तरुण जैन

कहा-श्रद्धालुओं को संैकड़ों जैन संतों के एकसाथ दर्शन करने का मिला अवसर 

हिसार, 16 अप्रैल : आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के परम शिष्य समय सागर महाराज के आचार्य पदारोहण महामहोत्सव में सैकड़ों जैन संत व मुनि की उपस्थिति से यह समारोह ऐतिहासिक बन गया है। आचार्यश्री विद्यासागर महाराज जी ने समाधि लेने से पूर्व मुनिश्री समय सागर जी को आचार्य पद सौंपने की इच्छा जताई थी। उनकी इच्छानुसार मंगलवार को आचार्य पदारोहण महामहोत्सव मध्यप्रदेश के कुंडलपुर में आयोजित किया गया। भारतीय जनता पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एवं सामाजिक कार्यकर्ता तरुण जैन ने इस महामहोत्सव की बधाई देते हुए कहा कि कुंडलपुर ऐतिहासिक समारोह का साक्षी बन गया है। मध्यप्रदेश की जनता को इतने जैन संतों के एकसाथ दर्शन करने का अवसर मिला है। सैकड़ों जैन मुनि पैदल विहार करते हुए इस महामहोत्सव में पहुंचे हैं। संतों के दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालु भी कुंडलपुर पहुंचे हैं। इन सभी के लिए भोजन व रहने की समुचित व्यवस्था की गई है। जैन ने बताया कि मुनिश्री समय सागर महाराज का कहना है कि प्रभु और गुरु को हृदय में विराजमान करना चाहिए। जिन लोगों ने ऐसा किया वे प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ गए। उन्होंने कहा कि कुंडलपुर में प्रवेश करते ही अलग तरह की सात्विक अनुभूति होती है। तरुण जैन ने बताया कि विशेष बात यह है कि मध्यप्रदेश के दमोह जिले में स्थित कुंडलपुर में जैन धर्म का सबसे प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है। दुनियाभर से यहां पर संत व श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस तीर्थ स्थल पर पहुंचकर परम आनंद व शांति अनुभव होती है। इसलिए जैन संत समय-समय पर यहां विहार भी करते हैं। 

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