आजकल बिजली विभाग जनता को लूटने के नए-नए तरीके अपनाती हैं गांवों के अन्दर गांव की लाईट कागजों में 16 घंटे दिखाई जाती है और जनता को केवल 12 घंटे ही मिलती है और इसकी कोई सुनवाई नहीं होती। यदि जे.ई. से पूछा जाए तो जेे.ई. लाईनमैन पर थोप देता है और कोई संतुष्टीपूर्ण जवाब नहीं मिलता है। एक तरफ तो सरकार कहती है कि सोलर एनर्जी लगाओ और सबसिडी भी देने की बात करती है परन्तु जब कोई अपने निवास या व्यवसाय पर सोलर एनर्जी का प्रयोग करता है तो बिजली का बिल कम आएगा लेकिन विभाग वाले उसके मीटर पर एम.एम.सी. लगाकर उसका बिल बढ़ा देते हैं। फिर सोलर एनर्जी का उपयोग करने का क्या फायदा। आजकल बिजली के बिलों पर नॉन एनर्जी चार्जिज ओर लगाए जाते हैं जोकि सैंकड़ों रूपये में होते हैं। यदि इसी प्रकार जनता को लूटना है तो विभाग को यही कहना चाहिए कि बिजली कनैक्शन कटवाकर सोलर सिस्टम लगाओ।
हिसार के नजदीकी गांव धान्सू, एच.के.यू., ढंढेरी, लोहारी एवं दौलतापुर के लिए 33-केवी का बिजली घर बनाने के लिए विभाग ने 06.05.2022 को हैदराबाद की कम्पनी को 30 करोड़ 33 लाख 44 हजार 560 का टेंडर दिया था और 12 महीने में कार्य पूरा करना था परन्तु आज 21 जनवरी 2024 तक केवल चारदीवारी बनाई गई है। आजकल इसी गांव धान्सू में 12 घंटे से ज्यादा लाईट नहीं मिलती। जबकि यह गांव हरियाणा सरकार द्वारा जारी जगमग गांव की लिस्ट में नाम था। गांव में सभी के मीटर घर से बाहर लगाए जा चुके हैं, सभी की तारें बदली जा चुकी हैं और सभी ग्रामवासी अपने बिल की पूर्ण अदायगी करते हैं। जब सब कुछ ठीक है तो सरकार को पूरी बिजली देने में क्या दिक्कत है। ऐसा लगता है कि हरियाणा सरकार को गांव के लोगों की वोट नहीं चाहिए केवल शहरी वोटों से सरकार बनाना चाहते हैं।
(डॉ0 एम0सी0 ऋषि बिश्नोई)
नैशनल चेयरमैन

Leave a Reply