सरकारी डाक्टरों द्वारा हडताल के आहवान को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टरों की सभी तरह की छुट्टियां रद्द कीराज्य के किसी भी सरकारी स्वास्थ्य संस्थान / अस्पताल में आने वाले मरीजो को पर्याप्त स्वास्थ्य सेवाएं करवाई जाएगी मुहैया : अनिल विज

सरकारी डाक्टरों द्वारा हडताल के आहवान को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टरों की सभी तरह की छुट्टियां रद्द कीराज्य के किसी भी सरकारी स्वास्थ्य संस्थान / अस्पताल में आने वाले मरीजो को पर्याप्त स्वास्थ्य सेवाएं करवाई जाएगी मुहैया : अनिल विज


पाठकपक्ष न्यूज

चंडीगढ़, हरियाणा के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री अनिल विज ने आश्वासन दिया है कि राज्य के किसी भी सरकारी स्वास्थ्य संस्थान/ अस्पताल में आने वाले किसी भी मरीज को पर्याप्त स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाई जाएगी। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि सरकारी डाक्टरों द्वारा हडताल के आहवान को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टरों की सभी तरह की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। उन्होंने बताया कि बड़े पैमाने पर जनता को निर्बाध सेवाएं
प्रदान करने के लिए, स्वास्थ्य विभाग ने लगभग 3,000 डॉक्टरों को तैनात किया है, जिनमें सलाहकार / वरिष्ठ सलाहकार, एनएचएम डॉक्टर, डीएनबी डॉक्टर, मेडिकल कॉलेजों के चिकित्सा अधिकारी और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य विभाग हरियाणा के डॉक्टरों ने अपनी मांगें पूरी होने तक 29.12.2023 से सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं में सभी प्रकार की स्वास्थ्य सेवाएं बंद करने के साथ हड़ताल का आह्वान किया है। हरियाणा स्वास्थ्य सेवाएं विभाग के महानिदेशक डॉ.
रणदीप सिंह पूनिया, डॉ. जे. एस. पुनिया, डीजीएचएस, डॉ. मनीष बंसल, डीएचएस ने कल शाम एचसीएमएस एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की, जिसमें राज्य अध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार, मीडिया समन्वयक डॉ. अमरजीत और जिला अध्यक्ष डॉ. मंदीप शामिल थे। राज्य महासचिव डॉ. अनिल यादव भी व्हाट्सएप कॉल पर शामिल हुए, जिसमें एसोसिएशन की सभी मांगों पर चर्चा की गई, जैसे विशेषज्ञ कैडर का सृजन, पीजी नीति में संशोधन, वेतन संशोधन
और एसएमओ की सीधी भर्ती को रोकना। इस बैठक
एसोसिएशन के पदाधिकारियों को अवगत कराया गया कि विशेषज्ञ कैडर को पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है और वर्तमान में सीधे एसएमओ की कोई भर्ती नहीं की जा रही है, बल्कि 100 चिकित्सा अधिकारियों को एसएमओ के रूप में पदोन्नत किया जाएगा, जिसके लिए मामला प्रक्रियाधीन है। इसके अलावा, वेतन संशोधन और पीजी नीति में संशोधन भी सरकार के विचाराधीन है
तथा एसोसिएशन की मांगों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर निपटाया जा रहा है। इसलिए, एसोसिएशन द्वारा किया गया हड़ताल का आह्वान अनुचित है और एसोसिएशन को तुरंत हड़ताल वापस लेनी चाहिए और जनहित में स्वास्थ्य सेवाएं फिर से शुरू करनी चाहिए । उठाए गए इन मुद्दों पर स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. जी अनुपमा के साथ भी चर्चा की गई, जिन्होंने मांगों को सहानुभूतिपूर्वक संबोधित करने और स्वास्थ्य मंत्री के साथ बैठक आयोजित करने का आश्वासन दिया।

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