भोजन को दवा बना लो वरना दवा भोजन बन जाएगा : डॉ. गोपाल शास्त्री
भोजन को दवा बना लो वरना दवा भोजन बन जाएगा : डॉ. गोपाल शास्त्री
हिसार, 25 जनवरी : ब्रह्मलीन ह्रदयनारायण (योगीजी) की प्रेरणा से संचालित तप, सेवा व सुमिरन की सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रयोगशाला बद्री नारायण सेवाग्राम मेरठ से पधारे डॉ. गोपाल शास्त्री के सान्निध्य में आज से अग्रसैन भवन में स्वास्थ्य एवं अध्यात्म प्रयोगशाला की शुरुआत की गई। डॉ. गोपाल शास्त्री को अग्रसेन भवन में पहुंचने पर स्वागत किया गया। प्रयोगशाला के पहले दिन लगभग 300 साधकों ने भाग लिया।
यह जानकारी देते हुए संस्था के सेवादार सत्यनारायण शर्मा ने बताया कि प्रयोगशाला में आये सभी लोगों का बीपी, शूगर व वजन आदि की जांच की। डॉ. गोपाल शास्त्री ने बताया कि बिमारी किसे कहते हैं, बिमारी क्यों होती है, भोजन में परिवर्तन करने से बिमारी को ठीक किया जा सकता है। उन्होंने शास्त्रों के अनुसार अनेक प्रकार के उदाहरण देते हुए कहा कि भोजन को दवा बना लो वरना दवा भोजन बन जाएगा। 31 जनवरी तक चलने वाली इस प्रयोगशाला में मानसिक शांति, अपचन, गैस, कब्जियत, एसिडिटी, मोटापा, कोलेस्ट्रॉल वृद्धि से ग्रस्त होकर डायबिटीज, ब्लडप्रेशर, हार्ट अटैक, मानसिक तनाव, अनिद्रा, याद्दाश्त कमजोर होना, डिप्रेशन, भय, चिंता व चिड़चिड़ापन आदि का इलाज किया जाएगा। कैम्प में रोजाना प्रात: 8 बजे योगासन, ध्यान, प्रार्थना, प्रवचन, प्रात: 11:30 बजे प्रश्नोत्तर-अनुभव, सायं 3 बजे अल्पाहार, सायं 3:30 बजे ध्यान, भजन, प्रवचन व व्यक्तिगत परामर्श का कार्यक्रम होगा।

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