कारसेवा के दिन याद करके अनिल गोयल श्रीराम के प्रति हो जाते हैं नतमस्तक

कारसेवा के दिन याद करके अनिल गोयल श्रीराम के प्रति हो जाते हैं नतमस्तक
  • अयोध्या में कारसेवा के लिए कार्यकर्ताओं में अनूठा जोश व जुनून देखने को मिला : अनिल गोयल
  • श्रीराम का जयघोष करते हुए अयोध्या में कारसेवकों ने असंभव कार्य को संभव कर दिखाया

हिसार : अयोध्या के श्रीराम मंदिर में 22 जनवरी को होने वाले प्राण-प्रतिष्ठा समारोह को लेकर देशभर में उत्साह का माहौल है। श्रीरामलला के मंदिर में विराजने की प्रतीक्षा कर रहे कारसेवकों के मन में अलग ही जोश है। हिसार निवासी अनिल गोयल भी अयोध्या में कारसेवा में अपना योगदान देकर श्रीराम के प्रति आस्था व्यक्त कर चुके हैं। 2 दिसंबर 1992 को अंबाला से अयोध्या पहुंचे 120 लोगों के जत्थे में अनिल गोयल भी शामिल थे। उस समय देश के कोने-कोने से कारसेवक अयोध्या पहुंच रहे थे।
अनिल गोयल दिसंबर 1992 का महीना याद करते हुए बताते हैं कि अयोध्या में सभी कार्यकर्ता कारसेवा के लिए तत्पर थे लेकिन 5 दिसंबर तक भी कारसेवा का मार्ग प्रशस्त नहीं हुआ। सभी बहुत दुखी थे और यह सोच रहे थे कि यदि कारसेवा नहीं हुई तो वापस जाकर क्या जवाब देंगे। इसी दौरान घोषणा हुई कि सभी कारसेवक जत्थों में सरयू नदी तक जाएंगे और सांकेतिक रूप से एक-एक मुट्ठी रेत कारसेवा के लिए लाएंगे।
वर्तमान में स्वदेशी जागरण मंच के प्रांतीय प्रचार प्रमुख अनिल गोयल ने बताया कि 6 दिसंबर को काफी संख्या में कार्यकर्ता ढांचे के निकट पहुंच गए। सभी गलियों में कार्यकर्ता मौजूद थे और अनेक स्वयंसेवक दंड लिए ढांचे के चारों ओर खड़े थे। उसी समय साढ़े नौ बजे लालकृष्ण आडवाणी जी वहां पहुंचे। उन्हें देखकर कार्यकर्ताओं में जोश पैदा हो गया। कई कमांडो लालकृष्ण आडवाणी के साथ चल रहे थे। साध्वी ऋतंभरा ने भाषण से स्वयंसेवकों में नए उत्साह का संचार कर दिया। इसके बाद आचार्य धर्मेंद्र जी ने ओजस्वी भाषण दिया। उनका भाषण समाप्त होते ही अचानक शोर शुरू हो गया। सभी की निगाहें ढांचे की ओर उठी। दो युवा हाथों में ध्वज लिए ढांचे के गुंबद की ओर बढ़ रहे थे। इसी बीच कई कारसेवक ढांचे के पास पहुंच गए। सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें काबू करने की कोशिश की लेकिन वे कामयाब नहीं हो सके।
किसी ने ढांचे को ऊपर से तोड़ना शुरू किया तो किसी ने नीचे से। जोश और जुनून का आलम यह था कि ढांचे की छत गिरते ही उसके नीचे दबकर कई लोगों का मरना तय था। इसके बावजूद अपने प्राणों की परवाह किए बिना स्वयंसेवक कारसेवा में जुटे रहे। ढांचा गिरते ही चबूतरा बनना शुरू हो गया और श्रीरामलला को विराजमान कर दिया गया। शाम ढलने के बाद जब स्वयंसेवक अयोध्या की गलियों में निकले तो हर घर के बाहर जलते दीये देखकर अभिभूत हो गए। अयोध्या में इस तरह दीपावली मनाई गई मानों वर्षों बाद श्रीराम अयोध्या वापस लौटे हों।
अनिल गोयल ने बताया कि कारसेवा में मंगालीपरिवार का काफी योगदान रहा। श्रीराम कारसेवा समिति हिसार के जिला अध्यक्ष स्व. प्यारेलाल गोयल मंगालीवाला, श्रीरामशिला पूजन समिति हिसार के कोषाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद गोयल व मनीष गोयल भी कारसेवा के लिए साथ ही अयोध्या गए। इसके अलावा भी समय-समय कारसेवा के लिए सभी हमेशा तत्पर रहे। उन्होंने बताया कि हिसार में स्थित सेठ चिरंजीलाल जयरामदास मंगालीवाला धर्मशाला उस समय कारसेवा का कार्यालय हुआ करती थी। कारसेवा से संबंधित सभी गतिविधियां यहीं से संचालित होती रही।
उल्लेखनीय है कि अनिल गोयल वर्ष 1982 से स्वयंसेवक हैं और वर्ष 1986 में विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता भी रहे हैं। वर्ष 1988 में अयोध्या के लक्ष्मण टीले पर श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण का संकल्प लिया। वर्ष 1989 में हिसार से श्रीरामशिला लेकर 70 रामभक्तों के साथ अयोध्या गए। वर्ष 1990 व 1992 में कारसेवा का अवसर मिला। वर्ष 1996 से वर्ष 2018 तक विहिप के जिला मंत्री, विभाग मंत्री एवं प्रांतीय सह सेवा प्रमुख का दायित्व निभाया। वर्तमान समय में हिसार गौरव स्वदेशी मेले के मेला प्रमुख का दायित्व निभा रहे हैं।

बॉक्स : श्रीराम से जुड़े नारे भर देते थे जोश
स्वदेशी जागरण मंच के प्रांतीय प्रचार प्रमुख अनिल गोयल ने बताया कि कार्यकर्ताओं व कारसेवकों में श्रीराम से संबंधित नारे जोश भर देते थे। वर्ष 1989 में शिला पूजन के दौरान सवा रुपया दे दे भइया राम शिला के नाम का, राम के घर में पत्थर लग जाएगा तेरे नाम का नारा काफी प्रसिद्ध हुआ। इसी भांति सौगंध राम की खाते हैं मंदिर भव्य बनाएंगे नारे ने भी जयघोष का स्वरूप ले लिया। वर्ष 1990 की कार सेवा में जन्मभूमि के काम ना आए वो बेकार जवानी है नारे ने कारसेवकों में उत्साह का संचार किया। इसी भांति जिस हिन्दू का खून न खोले, खून नहीं वो पानी है भी काफी प्रसिद्ध हुआ। इसी तरह रामजी की सेना चली, निश्चरहीन करेंगे धरती यह प्रण है श्रीराम का गीत भी कारसेवकों की जुबान पर चढ़ गया। उन्होंने बताया कि कारसेवा के दौरान साध्वी ऋतंभरा, आचार्य धर्मेंद्र, विनय कटियार, अशोक सिंगल व प्रवीन भाई तोगड़िया सहित कई ओजस्वी वक्ताओं ने कारसेवकों में श्रीराम भक्ति का संचार किया।

बॉक्स : 22 जनवरी को महा आरती व दीप उत्सव मनाया जाएगा
अनिल गोयल ने बताया कि अयोध्या के श्रीराम मंदिर में 22 जनवरी को होने वाली प्राण प्रतिष्ठा को लेकर हिसारवासियों में उत्साह का माहौल है। श्रीराम के निमित 22 जनवरी को हिसार के सेक्टर 16-17 में स्थित श्री रानी सती दादी मंदिर में बड़ी स्क्रीन पर अयोध्या से सीधा प्रसारण दिखाया जाएगा। दोपहर को महा आरती व प्रसाद वितरण एवं सायंकाल दीप उत्सव मनाया जाएगा। इसी भांति नागोरी गेट स्थित धर्मशाला में सुंदरकांड का पाठ होगा और सायंकाल आतिशबाजी करते हुए ढोल नगाड़ों के साथ दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। इसी तरह विभिन्न मंदिरों में प्रभु श्रीराम की आराधना करते हुए उत्सव मनाए जाएंगे।

(प्रेषक : स्वदेशी जागरण मंच, हिसार मो. 9215734578, 9466854553)

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