मौजूदा सांसद बिना त्यागपत्र दिए बन सकता है प्रदेश का मुख्यमंत्री
चंडीगढ़, 14 मार्च : भारत देश की संसद के मौजूदा सदस्य अर्थात सांसद को प्रदेश के मुख्यमंत्री (सी.एम.) के तौर पर नियुक्त किया जा सकता है और ऐसी नियुक्ति में किसी भी प्रकार का संवैधानिक या कानूनी प्रतिबंध (निषेध) नहीं है, बीते दिवस हरियाणा के मुख्यमंत्री के रूप में नायब सैनी की नियुक्ति को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका (पीआईएल) में इस आधार पर चुनौती दी गई है कि चूंकि वह सांसद होने के फलस्वरूप भारत सरकार के तहत लाभ के पद के धारक हैं एवं हरियाणा विधानसभा का सदस्य हुए बिना राज्य के मुख्यमंत्री का पद लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के साथ-साथ भारत के संविधान के प्रावधानों के तहत सांसद के पद से अयोग्यता को आमंत्रित करता है। यह कहना है पंजाब और हरियाणा एडवोकेट हेमंत कुमार का।
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