डा0 एम. रवि किरण, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, हिसार मंडल ने मंडल के सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देश जारी कर सोशल व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर पैनी नजर बनाये रखने को कहा है। उन्होंने कहा कि सोशल व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया जैसे फेसबुक, व्हाट्सप्प ग्रुप व यूट्यूब पर फेक विडियो, पोस्ट डालकर लोगो को भ्रमित करने व उकसाने की साजिश हो सकती है । उन्होंने कहा कि जब किसी क्षेत्र मे कानून व्यवस्था संबंधित कोई मामला घटित होता है तब असामाजिक तत्व भी मौके का फायदा उठाने के फिराक मे रहते है। ऐसे मौके पर सोशल मीडिया पर गलत व झूठे प्रचार कर समाज मे सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते है, ऐसे तत्व व्यक्तिगत तौर पर भी लोगों को उकसाने का प्रयास करते है । ऐसे लोगों पर पैनी नजर रखने व खुफिया तंत्र को हाई अलर्ट पर रखने को कहा है।
उन्होने कहा झूठा व एक तरफा प्रचार- प्रसार से जहां पुलिस की छवि धूमिल होती है वही कानून व्यवस्था के लिये भी खतरा पैदा होता है। भ्रामक व समाज मे सनसनी फैलाने वाली फेक पोस्टों पर सख्ती से अंकुश लगाने बारे सभी पुलिस अधीक्षकों स्पष्ट निर्देश दिये ।
एडीजीपी ने लोगों से भी अपील की है कि बिना सच्चाई जाने अफवाह फैलाने वाली किसी भी पोस्ट व विडियो को फारवर्ड ना करे व अफवाहों से बचें । उन्होंने कहा असामाजिक तत्व आमजन, युवाओ व छात्रों को भी भ्रमित कर उन्हे भी गैर कानूनी कार्य करने के लिए उकसाते है, ऐसे लोगों से सावधान रहे, अपने बच्चो व परिवार का ख्याल रखे । आगामी पुलिस व अन्य भर्ती के लिये युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं व शारीरिक परीक्षाओं की तैयारी मे लगाये ।
एडीजीपी ने हिसार मंडल के सभी जिलों मे लगी धारा 144 का भी सख्ती से पालना सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिये।
क्या है धारा 144- सीआरपीसी 144 को जिला अधिकारी लागू करता है । यह धारा उस समय लगाई जाती है, जहां तनाव या भीड़ से कोई खतरा होने की आशंका हो । यह धारा के लागू होने पर किसी एक स्थान पर भीड़ लगाने व प्रदर्शन करने पर रोक रहती है ।
अगर कोई भी धारा-144 लागू होने के उपरांत किसी आंदोलन में हिस्सा ले रहा है या फिर प्रदर्शन कर रहा है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है । इसका उल्लंघन करने पर पुलिस आपको गिरफ्तार कर सकती है और इसमें दो साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है.

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