आत्मा और परमात्मा का मिलन है रास : स्वामी राजदास
आत्मा और परमात्मा का मिलन है रास : स्वामी राजदास
हिसार, 2 फरवरी :श्री कृष्ण प्रणामी महिला सत्संग मंडल के तत्वाधान में वाटर वर्क्स के सामने महावीर कॉलोनी में चल रही भागवत कथा के छठे दिवस स्वामी राजदास महाराज ने कथा का प्रारंभ रास के प्रसंग के साथ किया। महाराज ने कहा कि रास आत्मा और परमात्मा का मिलन है। गोपियां आत्मा का प्रतीक हैं और कृष्ण स्वयं परमात्मा है तत्पश्चात भगवान कृष्ण द्वारा कंस वध का वर्णन किया गया। उद्धव के वृंदावन गमन का वर्णन करते हुए स्वामी राजदास ने कहा कि भक्ति का स्थान ज्ञान से भी ऊपर है इसीलिए भगवान को सत्संग और कीर्तन द्वारा प्राप्त करना आसान है। कथा व्यास ने आगे बताया कि जरासंध के आक्रमण के कारण कृष्ण को मथुरा छोड़कर द्वारिका जाना पड़ा। द्वारिका जाने के बाद झाकियों के साथ कृष्ण रुकमणि विवाह का उत्सव मनाया गया। सभी श्रद्धालु आनंद उत्सव में झूम उठे। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा में भाग लिया।
2 फोटो संलग्न :- महाबीर कॉलोनी में आयोजित भागवत कथा में प्रवचन देते स्वामी राजदास महाराज, कथा श्रवण करते श्रद्धालु।
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