पाठकपक्ष न्यूज
हिसार, 24 जून : प्रदेश कार्यकारणी बैठक मे हुये निर्णय के पश्चात पुरे हरियाणा प्रदेश में एनएचएम कर्मचारियों ने अपनी लम्बित मांगों को लेकर ब्लैक रिबन लगाकर अपना विरोध प्रकट किया और आगामी आन्दोलन का आगाज किया। जिला हिसार अध्यक्ष अनिल कुमार व प्रदेश उपाध्यक्ष जगत बिसला ने बताया कि पिछले 5 वर्षों से हरियाणा प्रदेश में कार्यरत एनएचएम के कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी सरकार व विभाग द्वारा की जा रही है। संगठन ने पत्राचार व बैठकों के माध्यम से सरकार के सम्मुख बातें रखी जिसमे उन्होंने बताया कि एनएचएम कर्मचारियों को नियमित करने के लिए वर्ष 2016 में दो बार अधिकारियों के द्वारा मसौदा तैयार किया गया था। जिसको सरकार द्वारा अनदेखा किया गया है। वर्ष 2021 में माननीय मुख्यमंत्री हरियाणा द्वारा एनएचएम कर्मचारियों के कोविड काल के दौरान किए गए कार्य को देखते हुए 7वें वेतनमान आयोग की सिफारिशे लागु करने की मंजूरी दी गई थी, परन्तु विभाग एंव अधिकारियों के द्वारा हर बार किसी न किसी प्रकार की अनावश्यक अनापत्तियां लगाकर मुख्यमंत्री की घोषणा को लागू नहीं कर रहे है। जब भी एनएचएम कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर सरकार एंव अधिकारियों से बात करते है तो उन्हे केवल एक ही जवाब दिया जाता है कि आज तक कहीं भी एनएचएम कर्मचारी को नियमित नहीं किया गया है। इस पर हम सरकार एवं अधिकारियो को बताना चाहते है कि भारत सरकार द्वारा कई बार अपने विभिन्न पत्राचारों के दौरान एनएचएम कर्मचारियों कों स्वास्थ्य विभाग में समायोजित करने के लिए राज्य सरकार को निर्देशित किया गया है इसी संदर्भ में चिकित्सा एंव स्वास्थ्य कल्याण मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली द्वारा जारी पत्र क्रमांक 10937/20011-1 दिनांक 21 दिसम्बर 2011 के तहत वर्ष 2022 में मणीपुर राज्य में एनएचएम कर्मचारियों को नियमित करने का कार्य किया गया है। इससे जुड़े सभी दस्तावेज कर्मचारी संघ के द्वारा माननीय मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री एंव विभाग के अधिकारियों को प्रस्तुत किए गए है। उक्त पत्र की अनुपालना हरियाणा राज्य में आज भी लम्बित है। संघ के पद्वाधिकारियों ने बताया कि कही न कही अधिकारी सरकार को गुमराह करने का कार्य कर रहे है। अपनी मांगो के समर्थन मे एनएचएम कर्मचारी 2 जुलाई को सभी सिविल सर्जनो के माध्यम से मुख्यमंत्री हरियाणा सरकार को ज्ञापन सौपेंग तत्तपश्चात दिनांक 8 जुलाई से 12 जुलाई तक सभी सांसद, विधायक पक्ष व प्रतिपक्ष के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया जाएगा। अगर फिर भी सरकार उनकी मांगों को नही मांनती है तो दिनांक 14 जुलाई 2024 को एक बडी बैठक करके तुरन्त प्रभाव से आन्दोलन पर बैठने के लिये विवश होगे जिसकी पुर्णतया जिम्मेदारी सरकार व स्वास्थ्य विभाग की होगी

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