वर्तमान प्रशासनिक चुनौतियों का सामना करने के लिए नए युवा पेशेवरों का विजन अत्यंत महत्वपूर्ण : केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल

पाठकपक्ष न्यूज

नई दिल्ली, 14 जुलाई :  केंद्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी मामले मंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि वर्तमान समय में शासन-प्रशासन के सामने आ रही चुनौतियों का सामना करने के लिए नए युवा पेशेवरों का विजन अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने नई दिल्ली में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि युवा पेशेवरों के ज्ञान का उपयोग कर शासन को आधुनिक जरूरतों के अनुसार चलाना अत्यंत आवश्यक है। श्री मनोहर लाल ने अनुमान लगाया कि साल 2035 तक देश में बिजली की वर्तमान मांग दोगुनी हो जाएगी और 1.3 अरब लोगों के लिए मकानों की आवश्यकता होगी। उन्होंने इन बड़े लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए नए युवा पेशेवरों के विशेष सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। वे कल देर शाम सुषमा स्वराज भवन में हरियाणा में सुशासन सहयोगी कार्यक्रम (सीएमजीजीए) के 8 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। इस कार्यक्रम में पूर्व सुशासन सहयोगी, हरियाणा के वरिष्ठ अधिकारी, निजी क्षेत्र के भागीदार और पिछले 15 महीनों से राज्य में कार्यरत 22 सुशासन सहयोगी उपस्थित थे। श्री मनोहर लाल ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि जब उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला तो उन्हें कोई अनुभव नहीं था। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से इस बारे में बात की, जिन्होंने उन्हें प्रेरित किया और सीखते हुए कार्य करने की सलाह दी। कार्यक्रम के दौरान, श्री मनोहर लाल ने प्रधानमंत्री मोदी की अभिनव सोच और उनके साथ बिताए समय के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि कैसे सीएमजीजीए कार्यक्रम शुरू किया गया ताकि हरियाणा में प्रशासनिक समस्याओं का समाधान हो सके और इसे सफल बनाने में अधिकारियों के साथ-साथ सुशासन सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। परियोजना निदेशक और मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने श्री मनोहर लाल को सीएमजीजीए कार्यक्रम का जनक और मुख्य वास्तुकार बताया। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के तहत 148 सुशासन सहयोगियों ने विभिन्न पहलों को सफलतापूर्वक क्रियान्वित करने में अपना सहयोग दिया। पूर्व परियोजना निदेशक श्री राकेश गुप्ता ने ऑनलाइन स्थानांतरण नीति के कार्यान्वयन के अनुभव साझा किए और बताया कि कैसे इस नीति की पूरे देश में सराहना हुई। 

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