केन्द्र सरकार से मांग, सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ तत्काल लाए अध्यादेश, दलितों के आरक्षण को संविधान की नौवीं सूची में डाला जाए
पाठकपक्ष न्यूज
हिसार, 21 अगस्त : एससी एसटी आरक्षण वर्गीकरण और क्रिमिलेयर के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने के लिए आज दलित समाज के लोग क्रांतिमान पार्क में एकत्रित हुए। क्रांतिमान पार्क से लघुसचिवालय तक पैदल मार्च करते इस विरोध प्रदर्शन में हजारों की संख्या में दलित समुदाय के हजारों लोग शामिल हुए। इस प्रदर्शन में मुख्यत गुरु रविदास महासभा, डाक्टर आंबेडकर महासभा, बीएसपी, आज़ाद समाज पार्टी, भीम आर्मी, कर्मचारियों के संगठन, गांवों की विभिन्न अन्य संस्थाओं के पदाधिकारी शामिल रहे। भारत बंद मुहिम के तहत हिसार में हुए इस प्रदर्शन में दलित समुदाय ने मांग की कि आरक्षण के मामले को संविधान की नौवीं सूची में शामिल किया जाए, ताकि एससी एसटी ओबीसी आरक्षण विरोधी मानसिकता फिर से इस आरक्षण से छेड़छाड़ ना कर पाए। विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे विभिन्न दलों और संगठनों के नेताओं ने एक सुर में कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाल ही में दिए गए दलित वर्गीकरण के निर्णय से पूरे देश के दलितों में उबाल और नाराजगी है। मोदी सरकार को सर्वोच्च न्यायालय के इस निर्णय के खिलाफ तत्काल एक नया अध्यादेश लाया जाना चाहिए। अन्यथा यह लड़ाई रुकने वाली नहीं है। हरियाणा सरकार दलित वर्गीकरण पर कुछ ज्यादा जल्दबाजी में है केन्द्र सरकार इस पर भी लगाम लगाए और हरियाणा सरकार द्धारा दलितों में फूट डालने की कोशिश को रोका जाए। वरना आने वाले विधानसभा चुनाव में पुरा दलित समाज बीजेपी को सबक सिखाने का काम करेगा। दलित समुदाय के नेताओं ने कहा कि यह निर्णय दलितों के अधिकारों के खिलाफ है और इसे तुरंत रद्द किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह दलितों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान, दलित समुदाय ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को रखा और सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की।

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