मूलरूप से जिला हिसार के गांव खेड़ी लोहचब और वर्तमान में आजादनगर निवासी डॉ सरोज बाला श्योराण ने हिंदी विभाग में ” समकालीन हिन्दी साहित्य क्षेत्र में गैर- दलितों और दलित – विषयक का समाज पर प्रभाव ” पर अपनी पीएचडी डॉ सुमित्रा चौधरी के मार्गदर्शन में पूरी की। इस अवसर पर एक्सटर्नल एक्सपर्ट डॉ के के पाठक, डॉ नरेंद्र, डॉ प्रदीप सहित अन्य विषय प्रोफेसर उपस्थित थे। उन्होने इसका श्रेय अपनी सास कमला देवी व पति कर्मपाल श्योराण को दिया जिनकी प्रेरणा से ही पीएचडी समेत इससे पहले भी यूजीसी नेट, एमफिल और तीन विषय (हिन्दी, शिक्षा, सोशियोलॉजी) में मास्टर डिग्री व पांच बार HTET और तीन बार CTET उतीर्ण किया। और वर्तमान में वह जिला जींद के गवर्मेंट स्कूल में अध्यापिका के पद पर अपनी सेवाएं दे रही हैं।उन्होंने यह भी बताया कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। हमे लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करके निरंतर कठोर परिश्रम करना चाहिए ,ऐसा करने से हमारा प्रयास अंतत: निश्चित तौर पर फलीभूत होगा ।कठोर परिश्रम ही सफलता की कुंजी है।उनकी इस उपलब्धि के लिए पिता रामकुमार , माता चंद्रबाला, सास कमला देवी और पति मास्टर कर्मपाल श्योराण समेत अनेक शिक्षको व पडोसियो ने बधाई दी।
डॉ सरोज बाला श्योराण को उनकी सफल पीएचडी की बधाई

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