पाठकपक्ष न्यूज
हिसार, गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के फार्मास्युटिकल साईंसिज विभाग द्वारा देश की प्रतिष्ठित एनआईआरएफ रैंकिंग 2024 के लिए ऑनलाइन आवेदन कर दिया गया है। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने बताया कि विश्वविद्यालय का फार्मास्युटिकल साईंसिज विभाग एक प्रतिष्ठित विभाग है। विभाग ने पिछले दशक में स्वयं को अनुसंधान में उत्कृष्टता केंद्र के रूप में स्थापित किया है। विभाग के शिक्षक अनुभवी हैं तथा प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में प्रकाशन के साथ अपने अनुसंधान क्षेत्रों में अग्रणी हैं। इस विभाग को फार्मास्युटिकल विज्ञान के क्षेत्र के मुख्य संस्थानों में माना जाता है।
JNU BHAGWAN T
GEN OR DDS SANDHI, PVSM, RET RML RANGA
RS SHARMA
PROF TANKESHWAR KUMAR
PROF. B.R. KAMBOJ
PROF NARSI RAM SHO 1-2001
गुजविप्रौवि में फार्मास्युटिकल साईंसिज की एनआईआरएफ रैंकिंग 2024 के लिए आवेदन की प्रक्रिया को अंतिम रूप देते कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई।
विभाग ने पिछले छह वर्षों से भारत के शीर्ष 50 फार्मेसी संस्थानों में अपनी रैंकिंग बरकरार रखी हुई है। उन्होंने फार्मास्युटिकल विभाग को बेहतर ग्रेडिंग मिलने की लिए शुभकामनाएं दी । विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. विनोद कुमार छोकर ने बताया कि फार्मास्युटिकल साईंसिज विभाग
विद्यार्थियों के कौशल विकास के लिए कार्यक्रमों का आयोजन करता रहता है। विभाग के पूर्व विद्यार्थी देश – विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों में सेवारत हैं। आगामी बेहतर रैंकिंग के लिए उन्होंने फार्मास्युटिकल विभाग को शुभकामनाएं दी। फार्मास्युटिकल विभाग की अध्यक्षा प्रो. सुमित्रा सिंह
ने बताया कि एनआईआरएफ भारत
की एक प्रतिष्ठित ग्रेडिंग प्रणाली है, जिसमें पांच विभिन्न मापदंडों पर एक शैक्षणिक मूल्यांकन किया जाता है। जिसमें टीचिंग, लर्निंग रिसोर्सिज, रिसर्च एंड प्रोफेशनल प्रेक्टिस, ग्रेजुएट आऊटकम, पब्लिक आउटरीच एंड इंक्लुसिविटी तथा पीयर परसेप्शन मुख्य हैं। इन सभी आधार पर किसी शिक्षण संस्थान का स्कोर आंका जाता है। जिस संस्थान का स्कोर बेहतर होता है, उस शिक्षण संस्थान को राष्ट्रीय स्तर की रैंकिंग में शामिल किया जाता है। इस अवसर पर डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. देवेन्द्र कुमार, डीन एवं चेयरपर्सन प्रो. सुमित्रा सिंह, विभागीय एनआईआरएफ समन्वयक प्रो. अश्वनी कुमार, डॉ. विक्रमजीत सिंह व आईक्यूएसी के उप निदेशक प्रो. कश्मीरी लाल उपस्थित रहे।

Leave a Reply