मुख्यमंत्री मनोहर लाल का खुद को किसान हितैषी बताना हास्यास्पद : दलबीर किरमारा-रास्ते में कीलें बिछाकर, उन पर लाठीचार्ज करके, इंटरनेट बंद करके और कृषि बजट में कटौती करके बन रहे किसान हितैषी-

मुख्यमंत्री मनोहर लाल का खुद को किसान हितैषी बताना हास्यास्पद : दलबीर किरमारा-रास्ते में कीलें बिछाकर, उन पर लाठीचार्ज करके, इंटरनेट बंद करके और कृषि बजट में कटौती करके बन रहे किसान हितैषी-

हिसार। आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष दलबीर किरमारा ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल के उस बयान को हास्यास्पद बताया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि वे किसान के बेटे हैं और किसान का दर्द समझते हैं। उन्होंने कहा कि अपनी बात रखने दिल्ली जा रहे किसानों के रास्ते में कीलें बिछाकर, उन पर लाठीचार्ज करके, इंटरनेट बंद करके और कृषि बजट में कटौती करके मुख्यमंत्री अपने को किसान का बेटा कहकर किसानों के जख्मों पर नमक छिड़कने के अलावा कुछ नहीं कर रहे।
दलबीर किरमारा ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में हरियाणा सरकार में सबसे ज्यादा किसान आंदोलन हुए हैं। किसानों की बात सुनी नहीं जा रही और मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि हमने किसानों का सबसे ज्यादा फायदा किया है। उन्होंने शुक्रवार को खेड़ी चौपटा में बैठक कर रहे किसानों पर बेरहमी से लाठीचार्ज किए जाने की कड़ी निंदा की और कहा कि यह सब सरकार की किसान विरोधी व किसानों और जवानों को बांटने वाली नीति का परिणाम है। सरकार की गलत जिद की वजह से किसान व जवान आमने सामने खड़े हैं, जो चिंता का विषय व दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि खेड़ी चौपटा में किसानों पर हुए लाठीचार्ज ने अंग्रेजी शासन की याद ताजा कर दी है। बजट पेश करने के दौरान मुख्यमंत्री ने कृषि बजट में कटौती की घोषणा की और उसी दिन शाम को किसानों पर लाठियां भांजी गई।
दलबीर किरमारा ने कहा कि आंदोलन के तहत शांतिपूर्ण ढंग से दिल्ली जा रहे किसानों के रास्ते में कीलें बिछाना, उनके रास्ते रोकना, उन पर रबड़ की गोलियां चलाना व अन्य दमनात्मक कार्रवाई करना इस सरकार का कथित किसान हितैषी चेहरा है। इतनी दमनात्मक कार्रवाइयों के बावजूद मुख्यमंत्री अपने को किसान हितैषी बताकर नौ सो चूहे खाकर बिल्ली हज को चली वाली कहावत को चरितार्थ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री के तौर पर मुख्यमंत्री द्वारा पेश किया गया बजट न केवल किसान विरोधी है बल्कि हर वर्ग का विरोध है। इसमें केवल प्रदेश पर चढ़े कर्ज की ही झलक दिखाई दे रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री मनोहर लाल को सलाह दी कि वे अपने को किसान हितैषी बताने की बजाय किसान विरोधी नीतियों को बदलें, अन्यथा कहने से कोई किसान हितैषी नहीं बन जाता।

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