हिसार, 25 अप्रैल : बर्बाद हुई 2021-22 व 2023 की फसलों का बकाया मुआवजा, बीमा क्लेम, आवारा पशुओं पर रोक, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल खरीद, मंडी में सरसों का गेहूं के उठान को लेकर किसान सभा का लघु सचिवालय पर चल रहा बेमियादी धरना आज 113वें दिन में प्रवेश कर गया। आज धरने की अध्यक्षता किसान सभा के जिला प्रधान शमशेर सिंह नंबरदार ने की व संचालन तहसील प्रधान सूबे सिंह बूरा ने किया। किसानों को संबोधित करते हुए प्रधान शमशेर सिंह नंबरदार ने आरोप लगाया कि 20 अप्रैल को देश के प्रधानमंत्री ने बासवाड़ा राजस्थान में आयोजित जनसभा में देश को जाति, धर्म व इलाके में नफरत का जहर घोलते हुए लोगों को भड़काने का जो प्रयास किया, किसान सभा प्रधानमंत्री के बयान की कड़े शब्दों में निंदा करती है। संयुक्त किसान मोर्चा ने चुनाव आयोग से मांग की है कि देश के प्रधानमंत्री की जनसभाओं पर रोक लगाई जाए। किसान सभा के तहसील प्रधान सूबे सिंह बूरा ने कहा कि प्रधानमंत्री व भाजपा यह कहती है कि अगर कांग्रेस की सरकार बनी तो हिंदू बहू बेटियों के मंगलसूत्र में गहने एक विशेष जाति को दे दिए जाएंगे। ऐसा बयान देकर प्रधानमंत्री चुनावों में अपनी बौखलाहट व हार का परिचय दे रहे हैं। आज के धरने को राजीव मलिक, सुरेंद्र मान, बलराज सहरावत, हर्षदीप वकील, शमशेर वाल्मीकि, नफे सिंह थानेदार चिडोद, सतबीर भाकर, इंद्र सिंह प्रधान, महिपाल पाबड़ा, शमशेर सिंह भेरिया, राममेहर पूनिया लाडवा, सुधीर सिंघवा, नेकी राम, दिलबाग हुड्डा, विजय सिंह जागलान आदि ने संबोधित किया। 113 दिन से जारी, प्रधानमंत्री की जनसभाओं पर रोक लगाने की मांग
मांगों को लेकर किसानों का बेमियादी धरना

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