सर्वोदय भवन गांधी अध्ययन केंद्र हिसार में ” वर्धा यात्रा पवनार सेवा ग्राम आश्रम ” के संस्मरणों पर गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य वक्ता सत्यपाल शर्मा एडवोकेट ने बताया कि राष्ट्र भगत जमना लाल बजाज ने इस आश्रम के लिए भूमि दान में दी थी जिसके संस्थापक विनोबा जी थे । इस आश्रम के निर्माण के समय 1500 वर्ष पुरानी मूर्तियाँ मिली हैं जो पुरातत्व विभाग में रखी गई हैं। बताया-इसी आश्रम में बैठकर विनोबा जी ने वेद, वेदांत, गीता, रामायण, कुरान, बाइबल पर अध्ययन किया था जहाँ से विनोबा जी सबके विकास और सबके उत्थान के विचार को स्वयं भी जिया और लोगों को सर्वहित के लिए प्रेरित किया । इस आश्रम में आज भी चरखे से सूत कात कर लोग वस्त्र पहनते हैं जो गांधी के विचार को जीवंत किये हुए है। जानकारी दी कि सर्वोदय शब्द जय प्रकाश लोहिया का गढा हुआ है जिसका अर्थ है कि देश का वह आखरी व्यक्ति जो पंक्ति में खड़ा है उसका भी उत्थान होना चाहिए ।
इस अवसर पर सर्वोदय मित्र बनवारी प्रजापति, सुरेश गर्ग, डॉ महेंद्र रोहिला, कुलदीप सिंह, के पी कालिया, बनी सिंह जांगड़ा , सुरेश गोयल, राजकुमार जैन, कृष्ण कुमार , चौधरी माडूराम हलवाई भी उपस्थित रहे ।
Leave a Reply