दी आर्यन स्कूल में बैसाखी का त्योहार तथा भीमराव अंबेडकर जयंती बड़ी धूमधाम व हर्षोल्लास से मनाई गई

दी आर्यन स्कूल में बैसाखी का त्योहार तथा भीमराव अंबेडकर जयंती बड़ी धूमधाम व हर्षोल्लास से मनाई गई

हिसार, 12 अप्रैल : कैमरी रोड़ स्थित दी आर्यन स्कूल में बैसाखी का त्योहार तथा अंबेडकर जयंती बड़ी धूमधाम व हर्षोल्लास से मनाई गई। इस अवसर पर  विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया, जिसमें कक्षा दस के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से न केवल भारत के इतिहास को उजागर कर बाबा साहेब के नारे ‘शिक्षित बनो, संगठित हो और संघर्ष करो’ को नुक्कड़ नाटक के माध्यम से यथार्थ किया बल्कि अंबेडकर जी के जीवन की मुख्य शिक्षाओं को भी उजागर किया। वहीं दूसरी ओर पारंपरिक तरीके से फसल पकने और सिख धर्म की स्थापना के रूप में मनाए जाने वाले बैसाखी के उल्लास को पंजाब की मुख्य नृत्य शैली भांगड़ा ‘जागो’ द्वारा उजागर किया। बच्चों के शब्दों, कविता व नाटक ने बैसाखी के उल्लास में चार चाँद लगा दिए। 

विद्यालय निदेशक श्री अनिल गोयल ने अंबेडकर जी की कही शिक्षाप्रद पंक्ति ‘शिक्षा वह दरवाजा है जिसे खोल आप तरक्की के सारे रास्ते चुन सकते हैं, का व्याख्यान करते हुए कहा कि हर बच्चे को पढऩे का अधिकार है और इसी पढ़ाई के द्वारा वह अपने जीवन में सफलता की उँचाइयों को छू सकता है। उन्होंने इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे जन-जन को जाकर आने वाले चुनाव में अपने मत का प्रयोग करने के लिए जागरूक करें तथा उन्हें अपने अधिकारों का प्रयोग करने के लिए जागृत करें, तभी सही अर्थों में अंबेडकर जयंती सार्थक होगी। विद्यालय प्रधानाचार्या श्रीमती अनीता भंडारी ने सभी विद्यार्थियों व अध्यापक वर्ग को बैसाखी तथा अंबेडकर जयंती की बधाई देते हुए बच्चों को जीवन पथ पर परिश्रम की राह अपनाते हुए उन्नति पथ पर अग्रसर रहने के लिए शुभकामनाएँ दी।

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