सरकार द्वारा रास्ते रोकने से किसान आंदोलन में अबकी बार 12 दिनों में 19800 करोड रुपए का नुकसान हो चुका है- बजरंग गर्ग
सरकार की जिद के कारण पिछले किसान आंदोलन में देश व प्रदेश में व्यापार व उद्योगों को 90 हजार करोड रुपए का व्यापार में नुकसान हुआ था- बजरंग गर्ग
कोरोना व किसान आंदोलन के कारण देश व प्रदेश में लगातार व्यापार व उद्योगों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है- बजरंग गर्ग
सरकार को देश व प्रदेश में सबसे ज्यादा टैक्स व्यापारी व उद्योगपति देता है- बजरंग गर्ग
हिसार- अखिल भारतीय व्यापार मंडल के राष्ट्रीय मुख्य महासचिव व हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने व्यापारी व उद्योगपतियों से बातचीत करने के उपरांत कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा रास्ते बंद करने से अब तक 12 दिनों में व्यापारी व उद्योगपतियों को 19800 करोड़ रुपए का व्यापार व उद्योग का नुकसान हुआ है। सरकार को उस नुकसान की भरपाई करनी चाहिए। जबकि पिछले किसान आंदोलन में व्यापार व उद्योग में लगभग 90 हजार करोड़ रुपए का व्यापार में नुकसान हुआ था और कोरोना के समय भी व्यापार व उद्योग पूरी तरह से ठप्प हो गए थे उससे तो व्यापारी उभर नहीं पाया था जबकि सरकार ने कोरोना के समय में बंद दुकान व फैक्ट्रीयों के बिजली के बिल, हाऊस टैक्स, वार्षिक लाइसेंस फीस व बैंक ब्याज आदि तक लिए थे। जबकि सरकार को बंद दुकानों व फैक्ट्रीयों के बिजली के बिल, हाऊस टैक्स नहीं लेने चाहिए थे। बजरंग गर्ग ने कहा कि सरकार ने जब खुद दिल्ली व हरियाणा के रास्तों पर बेरीकेटिंग लगाकर बंद किया तो सरकार का फर्ज भी बनता है कि वह व्यापारी व उद्योगपतियों के नुकसान की भरपाई करें। केंद्र व प्रदेश सरकार को व्यापारी व उद्योगपतियों के नुकसान की भरपाई के लिए कानून बनना चाहिए। जब सरकार हर वर्ग के नुकसान की भरपाई करती है तो व्यापारियों ने कौन सा मोरनी के भट्टा मार रखा है। जबकि सरकार को देश व प्रदेश में सबसे ज्यादा टैक्स व्यापारी व उद्योगपति देता है मगर सरकार व्यापारी व उद्योगपतियों से सिर्फ लेना ही जानती है, देना नहीं। जो उचित नहीं है। बजरंग गर्ग ने कहा कि सरकार द्वारा हरियाणा व दिल्ली की सीमाओं को बंद करना कोई समस्या का समाधान नहीं है। सरकार को अपने वादे के अनुसार किसानों की समस्या का समाधान करना चाहिए। लाठी, डंडों, गोलियों व रास्ते रोकने से किसी समस्या का समाधान नहीं होता। जो भी किसानों की उचित मांगे हैं सरकार को बातचीत करके समाधान निकालना चाहिए। जबकि बार-बार किसान आंदोलन से देश व प्रदेश के व्यापारी, उद्योगपति व जनता को जब परेशानी हो रही है उससे राहत मिल सके।

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