नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग द्वारा डीजल पंप से सिंचाई करने वाले किसानों को 3 एचपी से 10 एचपी तक के सौर ऊर्जा पंप 75 प्रतिशत अनुदान पर दिए जाएंगे। इसके अलावा गौशालाओं, वाटर यूजर एसोसिएशन, सामूहिक सिंचाई सिस्टम को भी 75 प्रतिशत अनुदान पर सौर ऊर्जा पंप दिए जांएगे।
यह जानकारी देते हुए अतिरिक्त उपायुक्त नीरज ने बताया कि डीजल पंप से सिंचाई करने पर किसान का काफी खर्चा होता है तथा पर्यावरण भी दूषित होता है। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग द्वारा 3 एचपी मोनोब्लॉक, 7.5 एचपी डीसी सबमर्सिबल व 10 एचपी एसी एवं डीसी सबमर्सिबल के सौर ऊर्जा पम्प 75 प्रतिशत अनुदान पर दिए जाएंगे। इस वर्ष के लक्षित लाभार्थियों का चयन परिवार की वार्षिक आय व भूमि धारण के आधार पर किया जाएगा। किसान अपने खेत के साईज, पानी के लेवल और पानी की जरूरत के अनुसार टाईप और पंप का चयन करें। किसान को अपने खेत में केवल बोर करवा कर देना होगा, बाकि पम्प स्थापना का कार्य फर्म द्वारा किया जाएगा। ये सिस्टम केवल उन्ही किसानों को दिए जाएंगे, जो किसान सूक्ष्म सिंचाई जैसे टपक सिंचाई अथवा फव्वारा सिंचाई योजना के तहत सिंचाई करते हों और अपने खेत में जमीनी पाइप लाइन दबाकर सिंचाई करते हों। डार्क जोन के लिए नोटिफाईड क्षेत्र में नये ट्यूबवेल पर सोलर पम्प नहीं दिया जा सकता है। यदि किसान के पास पहले से ट्यूबवेल है और डीजल इंजन से सिंचाई कर रहा है, तो इस योजना का लाभ ले सकता है, जिन किसानों को पहले अनुदान पर सौर ऊर्जा पंप दिये जा चुके हैं वे इस योजना के तहत पात्र नहीं हैं। उन्होंने बताया कि एक किसान को केवल एक ही पंप दिया जाएगा। सोलर पम्प लगवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू होने जा रहे हैं। प्रार्थी 19 जनवरी से 29 जनवरी तक https://saralharyana.gov.in पर आवेदन कर सकते हैं। किसी प्रकार की अन्य जानकारी के लिए कार्यालय के परियोजना अधिकारी से किसी भी कार्य दिवस समय में संपर्क कर सकते है।
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