नारनौंद क्षेत्र के गांव में ढाई साल की बच्ची के साथ रेप का प्रयास, आरोपी गिरफ्तारी की मांग लेकर पीडि़तों ने किया एसपी ऑफिस के सामने प्रदर्शन

पुलिस की लापरवाही और ढील के चलते अपराधियों के हौसले बढ़े : रजत कल्सन

पाठकपक्ष न्यूज

हांसी, 15 जुलाई :  नारनौंद थाने के अंतर्गत एक गांव में एक ढाई साल की मासूम बच्ची के साथ रेप का प्रयास किया गया। 50 साल का आरोपी बच्ची को उठा सुनसान जगह पर ले गया जहां पर बच्ची के कपड़े उतार कर रेप करने का प्रयास कर रहा था, जिस बच्ची जोर-जोर से रोने लगी तो उसकी आवाज बच्ची की दादी ने सुनी तो उसने एकदम मौके पर आकर बच्ची को आरोपी के चंगुल से छुड़ाया। इस मामले में 10 जुलाई को थाना नारनौद में पोक्सो व भारतीय न्याय संहिता की संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ परंतु पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के कोई प्रयास नहीं किए। पुलिस की निष्क्रियता से आहत आज पीडि़त परिजन बड़ी संख्या में नेशनल अलायंस फ़ॉर ह्यूमन राइट्स के संयोजक रजत कलसन के नेतृत्व में एसपी कार्यालय हांसी पहुंचे। एसपी ऑफिस में पीडि़त परिजनों को करीबन दो घंटे तक इंतजार कराया गया महिलाओं, बुजुर्गों व बच्चो को  दो घंटे जमीन पर बैठना पड़ा। दो घंटे बाद भी जब पुलिस परिजनों की एसपी से मुलाकात नहीं कराई गई तो पीडि़त परिजनों ने कहा कि वे यहीं पर नारेबाजी करेंगे इसके बाद आनन फानन में एसपी ने पीडि़त परिजनों को अपने कार्यालय में बुलाया जहां पर उन्होंने एसपी को आरोपी की गिरफ्तारी बारे ज्ञापन सौंपा। पुलिस अधीक्षक ने पीडि़त परिजनों को आश्वासन दिया कि दो दिन के अंदर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। 

पीडि़त महिलाओं को एसपी कार्यालय में मुलाकात के इंतजार में दो घंटे जमीन पर बैठना पड़ा

अधिवक्ता कल्सन ने एसपी के समक्ष कहा कि गरीब जनता को उनके कार्यालय के सामने जमीन पर बैठना पड़ता है जनता के बैठने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है जिस पर एसपी ने कहा कि बाहर कुर्सियां लगाई हुई है जिस पर कलसन कहा कि उन पर आपके कार्यालय के पुलिस कर्मी कब्जा जमाये रहते हैं। एसपी ने कलसन को कहा कि आप लोग नारे लगाने की धमकी देते हो जिस पर कल्सन ने कहा कि नारे लगाना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है तथा जब सरकार या प्रशासन जनता की सुनवाई नहीं करती है तो नारे लगाने के अलावा उनके पास कोई और विकल्प नहीं है।

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